- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
- 13 साल बाद बने दुर्लभ संयोग में उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालु; शनि मंदिर में स्नान के बाद कर रहे दान-पुण्य
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण, कहा— विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिलेगा
- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
महापौर और विधायक का रियलिटी चैक:महापौर ने पूछा- पर्ची तो नहीं कट रही, व्यापारी हाथ जोड़ बोले- जयश्री महाकाल
दीपक, रुई से बनी बत्ती और रंगोली बेचने वालों से शुल्क नहीं लेने की घोषणा के अगले दिन महापौर मुकेश टटवाल, विधायक पारस जैन बाजार में इसका रियलिटी चैक करने पहुंचे। सतीगेट से छत्री चौक तक छोटी-छोटी दुकान लगाने वालों से जब महापौर ने पूछा- निगम की तरफ से कोई पर्ची तो नहीं काट रहा है। जवाब में व्यापारियों ने हाथ जोड़कर जयश्री महाकाल बोला और धन्यवाद दिया।
दीपावली पर दीपक, रुई बत्ती और रंगोली की रोड किनारे लगने वाली दुकानों के लिए महापौर ने इस बार घोषणा की थी कि इनसे निगम की तरफ से शुल्क नहीं लिया जाएगा। विधायक व महापौर पैदल एक-एक दुकान पर गए और पूछा कि पर्ची तो नहीं काट रहा है। रंगोली का ठेला लगाने वाली ज्योति, योगेश, तेजकरण सहित 26 से अधिक दुकानों पर पहुंचे तो सभी ने हाथ जोड़कर कहा- कोई पैसा नहीं लिया गया।
छत्री चौक पर रंगोली बेचने वाला सन्नी मालवीय बोला- पर्ची कटी है (उसे डर था, पर्ची नहीं होने पर चालान न बन जाए)। महापौर ने कहा पर्ची दिखाओ। सन्नी पर्चियों को खोजने लगा तो उसके पास से कुछ पर्ची निकली, जिस पर तारीख पिछले साल की थी।